रायपुर। छत्तीसगढ़ में सेवारत शिक्षकों की सेवा सुरक्षा को लेकर तीन प्रमुख शिक्षक संगठनों ने एकजुट होकर आंदोलन का ऐलान किया है। सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन, नवीन शिक्षक संघ और सर्व शिक्षक संघ ने डीपीई एवं शिक्षा सचिव को ज्ञापन सौंपकर सेवा सुरक्षा पर तत्काल ठोस निर्णय लेने की मांग की।
शिक्षक संगठनों ने चेतावनी दी है कि मांगों पर कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से निर्णायक स्तर तक ले जाया जाएगा। 17 अगस्त को बेमेतरा में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय का घेराव किया जाएगा। इसके बाद 22 अगस्त को प्रदेशभर के ब्लॉक मुख्यालयों में शिक्षक सेवा सुरक्षा न्याय यात्रा और रैली निकाली जाएगी।
9 सितंबर से निर्णायक आंदोलन
शिक्षक नेताओं के अनुसार, मांगों पर समाधान नहीं होने पर 9 सितंबर से आंदोलन निर्णायक चरण में प्रवेश करेगा। बिलासपुर और सरगुजा संभाग के शिक्षक मुख्यमंत्री के विधानसभा मुख्यालय स्थित निवास तक पदयात्रा करेंगे, जबकि रायपुर, दुर्ग और बस्तर संभाग के शिक्षक स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के दुर्ग स्थित निवास तक पदयात्रा निकालेंगे। इसके बाद मांगें पूरी होने तक अनिश्चितकालीन धरना देने की चेतावनी दी गई है।
टीईटी परीक्षा को लेकर भी सवाल
शिक्षक संगठनों ने टीईटी परीक्षा को लेकर भी शिक्षा विभाग पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि सेवारत शिक्षकों के लिए टीईटी पात्रता जरूरी है, इसलिए सरकार को समय पर परीक्षा आयोजित कर शिक्षकों को पात्रता हासिल करने का पर्याप्त अवसर देना चाहिए।
शिक्षक नेताओं ने कहा कि जो शिक्षक प्रदेश के लाखों बच्चों का भविष्य संवार रहे हैं, उनके अपने भविष्य को असुरक्षित नहीं छोड़ा जा सकता। संगठनों ने स्पष्ट किया कि अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि सेवा सुरक्षा को लेकर ठोस निर्णय चाहिए।

