बिलासपुर। तेज डीजे और ध्वनि प्रदूषण को लेकर हाईकोर्ट में स्वतः संज्ञान जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। कोर्ट ने त्योहारों के मद्देनजर ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर सख्ती बरतने के निर्देश देते हुए राज्य सरकार से ताजा प्रगति रिपोर्ट मांगी है।
सुनवाई के दौरान सरकार ने बताया कि छत्तीसगढ़ कोलाहल नियंत्रण अधिनियम, 1985 में संशोधन की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। नए कानून में ध्वनि प्रदूषण रोकने के लिए कड़े प्रावधान शामिल किए जा रहे हैं। ड्राफ्ट तैयार होने के बाद इसे कैबिनेट और फिर विधानसभा में पेश किया जाएगा।
याचिकाकर्ताओं ने वर्तमान कानून को कमजोर बताते हुए कहा कि मामूली जुर्माने के कारण नियमों का उल्लंघन लगातार हो रहा है। हाईकोर्ट ने संशोधन प्रक्रिया में हुई प्रगति की अगली सुनवाई में विस्तृत जानकारी देने के निर्देश दिए हैं।

