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उत्तर-मध्य छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का अलर्ट:कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने का खतरा; अब-तक सामान्य से 2% कम बारिश

रायपुर | 02 सितंबर 2026 | छत्तीसगढ़ में मानसून की सक्रियता के बीच मौसम विभाग (IMD) ने उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ के कई जिलों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया है। रायपुर मौसम केंद्र के अनुसार, एक मजबूत चक्रवाती परिसंचरण और मानसूनी तंत्र के प्रभाव से प्रदेश के सरगुजा, बिलासपुर और रायपुर संभाग के विभिन्न हिस्सों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही कई इलाकों में 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने और आकाशीय बिजली (गाज) गिरने की गंभीर चेतावनी दी गई है।  

उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ के इन जिलों पर खतरा

मौसम विज्ञानियों के मुताबिक, उत्तर छत्तीसगढ़ के बलरामपुर, सूरजपुर, सरगुजा, कोरिया, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB) और जशपुर के साथ-साथ मध्य क्षेत्र के बिलासपुर, रायगढ़, कोरबा, मुंगेली और कबीरधाम जिलों में मौसम का कड़ा मिजाज देखने को मिलेगा। इन जिलों में आकाशीय बिजली गिरने और गरज-चमक के साथ भारी बारिश का तात्कालिक प्रभाव दिख सकता है। वहीं राजधानी रायपुर, दुर्ग, बेमेतरा और जांजगीर-चांपा में भी दिनभर बादलों की आवाजाही के साथ रुक-रुक कर तेज बौछारें पड़ने का अनुमान है।  

अब तक सामान्य से सिर्फ 2% कम बारिश दर्ज  

प्रदेश में बारिश के आंकड़ों की बात करें तो चालू मानसूनी सीजन में छत्तीसगढ़ का आंकड़ा सामान्य स्तर के बेहद करीब पहुंच चुका है। राज्य में अब तक 917.1 मिलीमीटर (लगभग 36.1 इंच) बारिश रिकॉर्ड की जा चुकी है, जबकि इस अवधि का सामान्य औसत 933.2 मिलीमीटर रहता है। इस लिहाज से प्रदेश में मानसूनी बारिश सामान्य से महज 2 प्रतिशत कम (-2%) है। पिछले कुछ दिनों में उत्तर छत्तीसगढ़ में हुई झमाझम बारिश ने सूखे की चिंता को काफी हद तक दूर कर दिया है।  

प्रशासन की अपील: बिजली चमकने पर सुरक्षित स्थानों पर लें शरण

लगातार हो रही बारिश से नदी-नालों और रपटों का जलस्तर बढ़ गया है, जिससे ग्रामीण अंचलों में आवागमन पर असर पड़ा है। आकाशीय बिजली के खतरे को देखते हुए राज्य आपदा प्रबंधन और मौसम विभाग ने आम नागरिकों तथा किसानों के लिए सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है। लोगों से अपील की गई है कि तेज हवा और बादलों की तेज गड़गड़ाहट के दौरान खेतों, खुले मैदानों, बिजली के खंभों और बड़े पेड़ों के नीचे बिल्कुल न खड़े हों और तुरंत पक्के मकानों में शरण लें।  

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