रायपुर: छत्तीसगढ़ी डिग्री धारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने हाल ही में मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपनी विभिन्न मांगों को रखा। एमए छत्तीसगढ़ी छात्र संगठन के प्रदेश अध्यक्ष ऋतुराज साहू ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री से विशुद्ध रूप से छत्तीसगढ़ी पाठ्यक्रम शुरू करने का आग्रह किया है। संगठन का मानना है कि अन्य राज्यों की तरह छत्तीसगढ़ में भी त्रिभाषा सूत्र के तहत छत्तीसगढ़ी भाषा का अध्ययन होना चाहिए।
नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के लागू होने के बावजूद छत्तीसगढ़ी पाठ्यक्रम का अभी तक निर्माण नहीं हो पाया है। संगठन ने मुख्यमंत्री से शीघ्र ही छत्तीसगढ़ी पाठ्यक्रम तैयार करने का आग्रह किया है। साथ ही, उन्होंने छत्तीसगढ़ी भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल करने के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजने का भी अनुरोध किया।
संगठन ने मुख्यमंत्री को याद दिलाया कि 16 फरवरी को विधानसभा में एमए छत्तीसगढ़ी डिग्री धारियों को रोजगार देने की घोषणा की गई थी। उन्होंने इस घोषणा को शीघ्र ही अधिसूचित करने की मांग की। इसके अलावा, संगठन ने छत्तीसगढ़ी साहित्यकारों को मंच उपलब्ध कराने और सरकारी कामकाज में छत्तीसगढ़ी भाषा को अपनाने की भी मांग की।
मुख्यमंत्री ने छात्रों की सभी मांगों को गंभीरता से सुना और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस दौरान संगठन के जितेंद्र साहू समेत कई अन्य डिग्री धारी भी उपस्थित थे।
