रायपुर। राजधानी रायपुर में स्थित हनुमान जी का एक अनोखा मंदिर श्रद्धालुओं के बीच विशेष आस्था का केंद्र बना हुआ है। यहां भक्त अपनी मनोकामनाएं कागज पर लिखकर हनुमान जी के चरणों में अर्पित करते हैं, इसी वजह से यह मंदिर “चिट्ठी वाले हनुमान जी” के नाम से प्रसिद्ध है। मान्यता है कि यहां लिखी गई प्रार्थनाएं भगवान तक सीधे पहुंचती हैं और भक्तों की समस्याएं दूर होती हैं।
यह मंदिर बूढ़ातालाब के पास कैलाशपुरी और टिकरापारा जाने वाले मार्ग पर स्थित है। मंदिर के पुजारी नरेंद्र चौबे के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में यहां श्रद्धालुओं की संख्या तेजी से बढ़ी है। भक्त प्रसाद और फल-फूल के साथ अपनी चिट्ठियां भी अर्पित करते हैं।
मंदिर में आने वाले लोग नौकरी, आर्थिक स्थिति में सुधार, कर्ज से मुक्ति, पारिवारिक सुख-शांति जैसी इच्छाएं लिखकर हनुमान जी को समर्पित करते हैं। श्रद्धालुओं का मानना है कि उनकी मनोकामनाएं एक वर्ष के भीतर पूरी हो जाती हैं।
रोजाना सुबह से ही मंदिर में भक्तों की भीड़ देखने को मिलती है, जबकि मंगलवार और शनिवार को यहां विशेष रूप से अधिक संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। स्थानीय लोगों के लिए यह मंदिर गहरी आस्था और विश्वास का प्रमुख केंद्र बन चुका है, जहां लोग अपनी उम्मीदों के साथ “चिट्ठी वाले हनुमान जी” के दरबार में पहुंचते हैं।

