रायपुर। स्वाधीनता आंदोलन और राष्ट्र निर्माण में आदिवासी नायकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। हल्बा, हल्बी एवं आदिवासी समाज के गौरव शहीद गैंद सिंह नायक ने देश में आजादी के आंदोलन का सर्वप्रथम शंखनाद किया था। यह बात मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दुर्ग के गोकुल नगर स्थित हल्बा शक्ति स्थल में अखिल भारतीय हल्बा-हल्बी समाज द्वारा आयोजित 35वें मिलन समारोह एवं शक्ति दिवस को संबोधित करते हुए कही।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने हल्बा-हल्बी समाज के नवनिर्मित कार्यालय का लोकार्पण किया और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे समाज के युवक-युवतियों के लिए 50 लाख रुपये की आवासीय कोचिंग सुविधा तथा पुलगांव दुर्ग स्थित कंवर समाज भवन में 25 लाख रुपये की बाउंड्रीवॉल निर्माण राशि स्वीकृत करने की घोषणा की। उन्होंने समाज की पत्रिका ‘समाज’ का विमोचन भी किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय नायकों ने अंग्रेजों के खिलाफ कई क्रांतियों का नेतृत्व किया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर रायपुर में आदिवासी संग्रहालय का निर्माण किया गया है। सरकार द्वारा महतारी वंदन योजना, तेंदूपत्ता संग्राहकों को उचित पारिश्रमिक, किसानों को धान का बेहतर मूल्य तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लाखों परिवारों को लाभ दिया जा रहा है। राज्य को 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ बनाने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है।
कार्यक्रम को सांसद विजय बघेल, पूर्व मंत्री महेश गागड़ा सहित अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया। बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।

