रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर में आयोजित जिला स्तरीय श्रमिक सम्मेलन में 79,340 निर्माण श्रमिकों और उनके परिजनों को 27.15 करोड़ रुपए की राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने की, जिसमें छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पश्चिम एशिया में युद्ध के बावजूद राज्य में पेट्रोल, डीज़ल और एलपीजी की आपूर्ति प्रभावित नहीं होगी। उन्होंने श्रमिकों के लिए संचालित योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि पंजीकृत श्रमिकों को प्रसूति सहायता, मकान निर्माण, ई-रिक्शा खरीद और बच्चों की शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता दी जा रही है।
उन्होंने बताया कि मेधावी बच्चों को 2 लाख रुपए तक प्रोत्साहन राशि और निजी स्कूलों में पढ़ाई के लिए सीटों की संख्या बढ़ाकर 200 कर दी गई है। भूमिहीन कृषि मजदूरों के लिए “दीनदयाल भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना” के तहत सालाना 10,000 रुपए की सहायता दी जा रही है, वहीं हाल ही में करोड़ों रुपए की राशि सीधे खातों में ट्रांसफर की गई है।
मुख्यमंत्री ने डीबीटी व्यवस्था को पारदर्शी बताते हुए कहा कि अब योजनाओं का पूरा लाभ सीधे हितग्राहियों तक पहुंच रहा है। साथ ही पीएफ को यूनिवर्सल बनाने, न्यूनतम पेंशन 1000 रुपए करने और ईएसआईसी अस्पतालों के जरिए मुफ्त इलाज की सुविधा का भी उल्लेख किया।
अंत में उन्होंने श्रमिकों को प्रदेश के विकास की रीढ़ बताते हुए उनके हित में सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।

