रायपुर। राजधानी के उरला इंडस्ट्रियल एरिया से लगे ग्राम कन्हैरा में आज सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब शमशान घाट के पास 6 गायों के शव पड़े मिले। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया। आशंका जताई जा रही है कि इन गायों की मौत आसपास फेंके गए औद्योगिक कचरे को खाने से हुई है।
गौवंशों की संदिग्ध मौत को लेकर पशु प्रेमियों, गौ-सेवकों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कांग्रेस ने सरकार को बताया जिम्मेदार
इस घटना को लेकर कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने सरकार को कठघरे में खड़ा किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजधानी में अब तक 50 गायों की मौत हो चुकी है और इसके पीछे प्रशासनिक लापरवाही है। उन्होंने कहा कि शासकीय गोदाम से सड़ा-गला सामान फेंका गया, जिसे खाने से गायों की जान चली गई। साथ ही उन्होंने कहा कि गांवों में बने गौठान बंद कर दिए गए हैं, अगर ये संचालित होते तो गायों के लिए चारा-पानी की व्यवस्था होती और ये हादसे टाले जा सकते थे।
मंत्री रामविचार नेताम ने की अपील
प्रदेश के मंत्री रामविचार नेताम ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि गर्मी के मौसम में चारे और पानी की कमी के कारण बेसहारा गायें इधर-उधर भटकने लगती हैं। उन्होंने पशुपालकों से अपील की कि वे अपनी गायों को सुरक्षित रखें और उनकी समुचित देखभाल करें। साथ ही मंत्री नेताम ने जानकारी दी कि राज्य सरकार ने “गौ अभयारण्य योजना” शुरू की है, जिसके तहत घुमंतू पशुओं को शरण दी जाएगी।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से खुलेगा राज
फिलहाल 6 गायों की मौत की असली वजह जानने के लिए पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार है। यह रिपोर्ट ही तय करेगी कि मौत का कारण औद्योगिक कचरा था या कुछ और।





