भारतमाला घोटाला : पीसीसी चीफ दीपक बैज ने की जांच की मांग, सरकार पर लगाया ‘बड़ी मछलियों’ को बचाने का आरोप

रायपुर। भारतमाला प्रोजेक्ट घोटाले से जुड़े पटवारी सुरेश मिश्रा की आत्महत्या के मामले ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने इस घटना की CBI या ED से उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस घोटाले में शामिल “बड़ी मछलियों” को बचाने के लिए छोटे कर्मचारियों को बलि का बकरा बना रही है।

दीपक बैज ने कहा कि,

“यह सिर्फ आत्महत्या नहीं हो सकती, बल्कि गहराई से जांच का विषय है। सुसाइड नोट में जिन बड़े अधिकारियों और भाजपा नेताओं के नाम सामने आ रहे हैं, उन्हें भी जांच के दायरे में लाया जाना चाहिए। जांच हाईकोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में होनी चाहिए, तभी सच्चाई सामने आ पाएगी।”

क्या है पूरा मामला?

शुक्रवार को निलंबित पटवारी सुरेश मिश्रा ने सकरी थाना क्षेत्र के ग्राम जोंकी स्थित अपनी बहन सरस्वती दुबे के फार्महाउस में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें सुरेश ने खुद को निर्दोष बताते हुए कुछ वरिष्ठ अधिकारियों और राजनीतिक चेहरों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

बताया जा रहा है कि सुरेश मिश्रा अयोध्या नगर, रायपुर का रहने वाला था और भारतमाला परियोजना के मुआवजा निर्धारण में फर्जीवाड़े के आरोप में निलंबित था।

PDS राशन कार्ड सत्यापन की समयसीमा बढ़ाने की मांग

इसके साथ ही पीसीसी चीफ ने PDS राशन कार्ड के केवाईसी लिंकिंग को लेकर भी सरकार से अपील की। उन्होंने कहा कि

“30 लाख से अधिक राशन कार्ड धारकों का अब तक सत्यापन नहीं हो पाया है। महीने के अंतिम तीन दिनों में यह कार्य पूरा करना संभव नहीं है। सरकार को समयसीमा बढ़ानी चाहिए ताकि कोई गरीब परिवार राशन से वंचित न रह जाए।”

मानसून सत्र में सरकार को घेरने की तैयारी

14 जुलाई से शुरू हो रहे विधानसभा के मानसून सत्र को लेकर भी दीपक बैज ने बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी सत्र के दौरान कानून व्यवस्था, रेत खनन और पेड़ों की अंधाधुंध कटाई जैसे मुद्दों पर सरकार को कठघरे में खड़ा करेगी।

“कांग्रेस सड़क से लेकर सदन तक इन जनहित के मुद्दों को लेकर संघर्ष करेगी। प्रदेश में अपराध, भ्रष्टाचार और पर्यावरण दोहन के खिलाफ आवाज बुलंद की जाएगी,” – दीपक बैज

पुलिस जांच जारी, विपक्ष का बढ़ता दबाव

फिलहाल पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। लेकिन कांग्रेस और विपक्ष का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है कि मामले में निष्पक्ष जांच हो और उन “बड़े नामों” पर भी कार्रवाई हो जो कथित रूप से सुसाइड नोट में दर्ज हैं।

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