साइबर अपराधियों के बारे में यह चिंता का विषय है कि वे अब आईएएस अधिकारियों को भी निशाना बना रहे हैं। फर्जी फेसबुक और व्हाट्सएप अकाउंट बनाकर लोगों को धोखा देने के ये प्रयास बहुत गंभीर हैं।
रायपुर में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी रीना बाबा साहेब कंगाले और सरगुजा कलेक्टर विलास भोसकर के नाम से फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट बनाकर कलेक्टरों से रुपयों की मांग की जा रही है। यह घटनाएं दिखाती हैं कि साइबर ठग कितने संगठित और चालाक हो सकते हैं।
मामले की जानकारी मिलते ही साइबर सेल ने एफआईआर दर्ज कर ली है, और मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने सभी कलेक्टरों को सतर्क रहने की सलाह दी है। यह महत्वपूर्ण है कि अधिकारी और आम जनता, दोनों ही, इस तरह की धोखाधड़ी से बचने के लिए सतर्क रहें और ऐसी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों को दें। साइबर सुरक्षा उपायों को अपनाना और संदिग्ध संदेशों की जांच करना इस प्रकार की धोखाधड़ी से बचने के लिए जरूरी है।

