रायपुर: रायपुर नगर निगम आयुक्त अबिनाश मिश्रा ने स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत चल रहे विभिन्न विकास कार्यों में हो रही देरी पर गहरी नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने विशेष रूप से शहर के प्रमुख जल स्रोतों, महाराजबंध तालाब, नरैय्या तालाब और खो-खो तालाब में बन रहे एसटीपी (सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट) के निर्माण कार्य में हो रही अत्यधिक देरी पर कड़ी नाराजगी जताई।
समीक्षा बैठक में उठा मुद्दा:
हाल ही में, रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के अधिकारियों और विभिन्न विकास योजनाओं के अनुबंधित ठेकेदारों के साथ एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में, एसटीपी निर्माण कार्य में हो रही देरी के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया गया।
आयुक्त मिश्रा ने स्पष्ट किया कि ये एसटीपी शहर के प्रदूषण नियंत्रण और स्वच्छ जल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। इनका निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाना आवश्यक है।
ठेकेदार को फटकार:
समीक्षा बैठक में अनुबंधित एजेंसी समृद्धि वाटर वर्कस को फटकार लगाते हुए, आयुक्त मिश्रा ने उन्हें इन तीनों तालाबों में एसटीपी निर्माण कार्य को तत्काल प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और देरी के लिए ठेकेदार को जवाबदेह ठहराया जाएगा।
अन्य विकास कार्यों पर भी जोर:
आयुक्त ने न केवल एसटीपी निर्माण कार्य बल्कि 24 घंटे पेयजल आपूर्ति, शास्त्री मार्केट और मटन मार्केट के पुनर्विकास सहित अन्य महत्वपूर्ण विकास कार्यों को भी समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इन कार्यों की नियमित रूप से मॉनिटरिंग करने के लिए कहा।
नागरिकों की सुविधाएं:
आयुक्त मिश्रा ने कहा कि स्मार्ट सिटी परियोजना का उद्देश्य शहरवासियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करना है। इसलिए, सभी विकास कार्यों को समय पर पूरा किया जाना आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे किसी भी प्रकार की बाधा को दूर करने के लिए हर संभव प्रयास करें।