बिलासपुर: उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि पद्मश्री पं. श्यामलाल चतुर्वेदी का सपना पूरा करने और छत्तीसगढ़ी को राजभाषा का दर्जा दिलाने के लिए सरकार हर संभव प्रयास करेगी। वे बिलासपुर में आयोजित जन्म शताब्दी समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
इस दौरान पं. चतुर्वेदी पर प्रकाशित स्मृति ग्रंथ और उनकी कृति के हिंदी अनुवाद का विमोचन किया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, साहित्यकार और बुद्धिजीवी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
वक्ताओं ने पं. चतुर्वेदी को छत्तीसगढ़ की भाषा, संस्कृति और परंपरा का प्रतीक बताया। उनके योगदान को याद करते हुए कहा गया कि छत्तीसगढ़ी भाषा के संवर्धन में उनकी भूमिका अविस्मरणीय है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार उनके सपनों को साकार करने और उनकी स्मृति को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।