धमतरी | 03 सितंबर 2026 | छत्तीसगढ़ की जीवनदायिनी कहे जाने वाले धमतरी स्थित पंडित रविशंकर शुक्ल जलाशय (गंगरेल बांध) के कैचमेंट एरिया में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बाद जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। बांध में पानी का भराव 96.17 प्रतिशत तक पहुंचने पर जल संसाधन विभाग ने एहतियातन दो रेडियल गेट खोल दिए हैं। गेट खोलकर महानदी में 4 हजार क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा जा रहा है। बांध से पानी छोड़े जाने के मद्देनजर जिला प्रशासन ने तटीय और निचले इलाके के गांवों के लिए हाई अलर्ट जारी किया है।
लगातार आवक से लबालब हुआ गंगरेल, सुरक्षा कारणों से खुले गेट
कैचमेंट एरिया और बस्तर के सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय मानसूनी तंत्र के चलते गंगरेल जलाशय में बीते 24 घंटों से पानी की जबरदस्त आवक दर्ज की जा रही है। 32.15 टीएमसी की कुल क्षमता वाले इस विशाल जलाशय का जलस्तर सुरक्षा मानकों के तय निशान के करीब पहुंच गया। बांध की तकनीकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कंट्रोल रूम के अधिकारियों ने सायरन बजाकर दो गेटों को 0.5-0.5 मीटर तक ऊपर उठाया। वर्तमान में लगभग 4,200 क्यूसेक पानी सीधे महानदी में प्रवाहित किया जा रहा है।
महानदी के तटीय गांवों में मुनादी, नदी तट पर जाने पर रोक
बांध से जल निकासी शुरू होते ही महानदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। धमतरी जिले के साथ-साथ नदी किनारे बसे गरियाबंद, रायपुर और महासमुंद जिले के तटवर्ती गांवों में पंचायत स्तर पर मुनादी कराई जा रही है। राजस्व और पुलिस अमला लगातार गश्त कर रहा है। स्थानीय ग्रामीणों, मछुआरों और मवेशी पालकों को स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि वे नदी के बहाव क्षेत्र, रपटों और गहरे किनारों के पास बिल्कुल न जाएं।
कंट्रोल रूम 24 घंटे अलर्ट मोड पर
जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता के अनुसार, बांध में ऊपर से हो रही पानी की आवक पर प्रति घंटे निगरानी रखी जा रही है। यदि ऊपरी इलाकों में वर्षा का दौर इसी तरह जारी रहता है, तो निकासी की मात्रा और गेटों की संख्या को बढ़ाया जा सकता है। जिला आपदा प्रबंधन टीम (SDRF) और बाढ़ राहत दलों को किसी भी आकस्मिक परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।

