धमतरी। कलेक्टर जनदर्शन में इच्छा मृत्यु की मांग करते हुए आत्मदाह का प्रयास करने वाले युवक रोहित सोनी के मामले में प्रशासनिक जांच के बाद नया तथ्य सामने आया है। जांच में युवक द्वारा लगाए गए आरोपों को तथ्यहीन बताया गया है।
प्रशासन के अनुसार जिस भूमि और रास्ते को लेकर विवाद बताया गया था, वह मंदिर ट्रस्ट की संपत्ति है और वहां अतिक्रमण का मामला सामने आया है। कलेक्टर अविनाश मिश्रा ने नागरिकों से अपील की है कि वे जनदर्शन में केवल तथ्यात्मक शिकायतें प्रस्तुत करें और किसी भी परिस्थिति में आत्मघाती कदम न उठाएं।
गौरतलब है कि मंगलवार को पोस्ट ऑफिस वार्ड निवासी रोहित सोनी अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ जनदर्शन में पहुंचे थे। उन्होंने परिवार सहित इच्छा मृत्यु की अनुमति मांगते हुए आवेदन दिया और इसी दौरान अपने ऊपर मिट्टी तेल डालकर आत्मदाह का प्रयास किया। मौके पर मौजूद अधिकारियों और सुरक्षाकर्मियों की तत्परता से बड़ा हादसा टल गया।
रोहित सोनी ने आरोप लगाया था कि बढ़ेश्वर महादेव मंदिर के पास स्थित उनके घर के निर्माण कार्य में बाधा डाली जा रही है और उन्हें घर खाली करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और मंदिर ट्रस्ट से जुड़े लोगों पर प्रताड़ना के आरोप भी लगाए थे।
हालांकि घटना के बाद कराई गई प्रशासनिक जांच में आरोपों से अलग तथ्य सामने आए हैं। प्रशासन का कहना है कि मामले की जांच और आवश्यक कार्रवाई नियमानुसार जारी है।

