छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में डायरिया का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। मस्तूरी इलाके के बूढ़ीखार गांव में डायरिया से एक 2 साल के बच्चे की मौत हो गई है। इस घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग ने पूरे जिले में अलर्ट जारी कर दिया है।
क्या है पूरा मामला?
बूढ़ीखार गांव के रहने वाले राजकुमार केवर्त के 2 साल के बेटे वीर को अचानक उल्टी और दस्त शुरू हो गए थे। परिजन उसे इलाज के लिए पहले मल्हार के अस्पताल ले गए थे, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण उसे मस्तूरी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रेफर कर दिया गया। हालांकि, रास्ते में ही बच्चे की मौत हो गई।
गांव में डायरिया का प्रकोप
मृत बच्चे के घर के आसपास लगभग 8-10 लोग भी डायरिया से पीड़ित हैं। गांव में सरकारी हैंडपंप की कमी के कारण लोग एक खुले कुएं के पानी का उपयोग करने को मजबूर हैं। प्रदूषित पानी के कारण ही डायरिया का प्रकोप फैला है।
स्वास्थ्य विभाग का कहना
सीएमएचओ डॉक्टर प्रभात श्रीवास्तव ने बताया कि जिस जगह बच्चे की मौत हुई है, वहां के लोग कुएं का पानी पी रहे हैं। प्रदूषित पानी के कारण ही लोग डायरिया की चपेट में आए हैं। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने पूरे जिले में अलर्ट जारी कर दिया है और लोगों को दूषित पानी का उपयोग न करने की सलाह दी गई है। स्वास्थ्य विभाग कैंप लगाकर लोगों का इलाज कर रही है और मामले की जांच की जा रही है।

