रामकुण्ड उत्कल बस्ती। रामकुण्ड उत्कल बस्ती में दुर्गा विसर्जन का पर्व श्रद्धा, भक्ति और भावुकता के माहौल में संपन्न हुआ। मां दुर्गा की विदाई के अवसर पर ज्योति-ज्वारा एवं सांग के साथ विसर्जन यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। माता रानी के अंतिम दर्शन के लिए क्षेत्र में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
मां कालरात्रि की विदाई पर नम हुईं भक्तों की आंखें
मां काली (कालरात्रि) के अलौकिक एवं भव्य स्वरूप के दर्शन कर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। विसर्जन के अंतिम क्षणों में मां की विदाई का दृश्य बेहद भावुक रहा। कई भक्तों की आंखें नम हो गईं और उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। माता रानी के प्रति अटूट आस्था और विदाई की भावनाओं ने पूरे माहौल को भक्तिमय बना दिया।

जयकारों से गूंज उठा पूरा क्षेत्र
विसर्जन यात्रा के दौरान रामकुण्ड उत्कल बस्ती का वातावरण माता रानी के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने उत्साह के साथ “जय मां काली”, “जय मां कालरात्रि”, “जय अम्बे” और “जोर से बोलो जय माता दी” के नारे लगाए। चारों ओर भक्ति और श्रद्धा का माहौल देखने को मिला।
युवाओं, महिलाओं और समिति सदस्यों ने दी भावपूर्ण विदाई
माता रानी की अंतिम विदाई में युवाओं, बुजुर्गों, महिलाओं, समिति के सदस्यों और मोहल्ले के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। सभी ने पूरे उत्साह, श्रद्धा और समर्पण के साथ विसर्जन यात्रा में सहभागिता निभाई।
मां कालरात्रि की विदाई के साथ ही रामकुण्ड उत्कल बस्ती में भक्तिमय माहौल के बीच विसर्जन कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस दौरान श्रद्धालुओं की आस्था, सामूहिक सहभागिता और माता रानी के प्रति प्रेम का भाव स्पष्ट रूप से देखने को मिला।