छत्तीसगढ़ सरकार ने सोमवार, 27 मई 2024 को राज्य में माल परिवहन के लिए ई-वे बिल प्रणाली लागू कर दी है। यह नया नियम एक जिले से दूसरे जिले में भेजे जाने वाले 50 हजार रुपये से अधिक मूल्य के माल पर लागू होगा।
इस फैसले के पीछे कर चोरी को रोकना और राजस्व वसूली में सुधार करना है। इससे पहले, राज्य के अंदर माल परिवहन के लिए ई-वे बिल की आवश्यकता नहीं थी, चाहे मूल्य कुछ भी हो।
नई अधिसूचना जारी होने के बाद, छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने राज्य सरकार से इस फैसले पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है। चेम्बर का तर्क है कि इससे व्यापारियों पर बोझ बढ़ेगा और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
राज्य के वाणिज्य कर मंत्री, ओपी चौधरी ने कहा है कि ई-वे बिल प्रणाली पहले से ही देश के बाकी हिस्सों में लागू है और यह कदम कर चोरी को रोकने और राजस्व वसूली में सुधार करने में मदद करेगा।
उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि छोटे व्यापारियों को परेशान नहीं किया जाएगा और जीएसटी विभाग के अधिकारियों को इस संबंध में सख्त निर्देश दिए गए हैं।