रायपुर। छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तत्कालीन आबकारी आयुक्त आईएएस निरंजन दास सहित 31 आबकारी अधिकारियों की 38.21 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्तियां अस्थायी रूप से कुर्क की हैं। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत की गई है।ईडी की जांच में सामने आया है कि शराब घोटाले से राज्य को करीब 2,800 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ।
अधिकारियों ने अवैध तरीके से 85.56 करोड़ रुपये की संपत्ति अर्जित की। कुर्क संपत्तियों में मकान, प्लॉट, दुकानें, कृषि भूमि के साथ बैंक खाते, एफडी, बीमा पॉलिसी और निवेश शामिल हैं।
जांच के अनुसार, एक संगठित सिंडिकेट ने आबकारी विभाग पर नियंत्रण स्थापित कर समानांतर नीति लागू की। सरकारी दुकानों के जरिए अवैध शराब की बिक्री हुई और अधिकारियों को प्रति केस कमीशन दिया जाता था। ईडी ने इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी पहल बताया है।