मनेंद्रगढ़ जिले में “एक पेड़ माँ के नाम” के तहत एक अभूतपूर्व पौधारोपण अभियान चलाया गया, जिसमें रिकॉर्ड 90 हज़ार पौधे लगाए गए। यह अभियान न केवल जिले के लिए, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ राज्य के लिए एक प्रेरणादायी पहल है।
इस अभियान के तहत सभी सरकारी स्कूलों, आंगनवाड़ियों, पंचायत भवनों, कर्मचारी क्वार्टरों और यहां तक कि बड़े निजी परिसरों को भी पौधारोपण के लिए चुना गया। केवल वे सरकारी संस्थान जो सुरक्षा के लिए बाउंड्रीवॉल से घिरे नहीं थे, उन्हें छोड़ा गया। जिले के लगभग 80% सरकारी भवनों में, स्कूली बच्चों और कर्मचारियों ने अपनी माँ के नाम पर पौधे लगाए।
छोटे बच्चों ने उत्साहपूर्वक इस अभियान में भाग लिया और अपने हाथों में माननीय प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और वन मंत्री जी के फ्लेक्स लिए हुए थे। सभी ने पौधे लगाकर उनकी सुरक्षा का वादा किया।
डीएफओ मनीष कश्यप ने बताया कि पौधे वन विभाग के कर्मचारियों के मार्गदर्शन में लगाए गए थे। प्रत्येक बीट गार्ड और डिप्टी रेंजर को 5-5 सरकारी भवनों में पौधारोपण के लिए जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
यह पहली बार था जब जिले में इस तरह का बृहद स्तरीय आयोजन हुआ था। मनेंद्रगढ़ रेंज में 62 स्थलों, बिहारपुर रेंज में 74 स्थलों, केल्हारी में 149 स्थलों, बहरासी में 28 स्थलों, कुंवारपुर में 27 स्थलों और जनकपुर में 41 स्थलों में पौधे लगाए गए। पौधों की संख्या भवन परिसर में उपलब्ध खाली जगह के अनुसार लगाई गई थी। कुछ जगहों पर 20, कुछ जगहों पर 50 और कई जगहों पर 1000 तक पौधे लगाए गए।
मनेंद्रगढ़ शहर के निजी स्कूलों और कॉलेजों को भी इस अभियान में शामिल किया गया था। इस तरह के बड़े पैमाने पर अभियान से स्कूली बच्चों और नागरिकों में पेड़ों और पर्यावरण के प्रति जागरूकता पैदा करने में मदद मिलेगी।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी सभी स्थानों पर आमंत्रित किया गया था और उन्होंने उत्साहपूर्वक भाग लिया। यदि इन पौधों की उचित देखभाल की जाए, तो कुछ ही वर्षों में पूरा मनेंद्रगढ़ जिला हरा-भरा हो सकता है। वन विभाग आने वाले समय में इस तरह के और भी अभियान चलाकर जिले के वन क्षेत्र को बढ़ाने की योजना बना रहा है।