छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। खुद को एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) का बड़ा अधिकारी बताकर एक घर में डकैती और लूटपाट करने वाले फरार आरोपी को पुलिस ने घटना के लगभग 9 महीने बाद आखिरकार गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में सबसे दिलचस्प और हैरान करने वाली बात यह है कि मुख्य आरोपी पहले भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) का जिलाध्यक्ष भी रह चुका है।
क्या था पूरा मामला?
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी हितेश सिंह अपने साथियों के साथ मिलकर खुद को एसीबी (ACB) का अधिकारी बताकर एक घर में घुसा था। आरोपियों ने घर के सदस्यों को डराया-धमकाया और गोली मारने की धमकी देते हुए घर में रखी करीब 8 मोबाइल और अन्य कीमती सामान समेत कुल 2.50 लाख रुपये का सामान लूट लिया था। इस घटना के बाद से ही आरोपी लगातार फरार चल रहा था और पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई थी।
9 महीने बाद पुलिस के हत्थे चढ़ा आरोपी
सिविल लाइन रुद्री पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी हितेश सिंह (पिता गणेश बहादुर सिंह, निवासी- बैकुंठपुर, जिला कोरिया) को गिरफ्तार कर लिया है। इस सनसनीखेज मामले में पुलिस पहले ही दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी थी, लेकिन मुख्य और शातिर आरोपी हितेश पुलिस की पकड़ से बाहर था। पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। राजनीतिक पृष्ठभूमि से जुड़े व्यक्ति के इस तरह के गंभीर अपराध में शामिल होने से इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।

