पखांजूर। धान खरीदी केंद्र के प्रभारी की मनमानी से किसान भारी नुकसान झेल रहे हैं। आरोप है कि तौल में गड़बड़ी कर किसानों से अधिक धान लिया जा रहा है और खुलेआम लूट जैसी स्थिति बनी हुई है। बांदे लैम्प्स के अंतर्गत आने वाले PV-84 धान खरीदी केंद्र में केंद्र प्रभारी पर किसानों के धान में हेरफेर करने के गंभीर आरोप लगे हैं।
अधिकतर किसान अपने धान को ट्रैक्टर-ट्राली से लाकर केंद्र में खाली करते हैं, फिर बोरी में भरकर लैम्प्स द्वारा उपलब्ध तौल मशीन से वजन कर सीधे स्टैक में चढ़ाया जाता है। लेकिन केंद्र में रखा तौल कांटा खराब होने के कारण प्रति बोरी लगभग 1.5 किलो अधिक धान लिया जा रहा था। इस आधार पर किसानों को प्रति क्विंटल 3 किलो से अधिक का नुकसान हो रहा था। इसके अलावा ‘सूखती’ के नाम पर भी प्रति क्विंटल 1.5 से 2 किलो अतिरिक्त धान लिया जा रहा था। कुल मिलाकर किसानों का नुकसान लगभग 5 किलो प्रति क्विंटल तक पहुंच गया था।
मामला तब सामने आया जब किसान प्रलभ बड़ाई ने अपने घर से धान तौलकर 40 किलो बोरी भरकर केंद्र में वजन कराया, जहां वह तौल 38.500 किलो निकला। किसान ने अपने घर का तौल कांटा बुलवाकर मौके पर तौल करवाया और कथित घोटाला उजागर कर दिया। इसके बाद किसान ने केंद्र में जमकर हंगामा किया। मामला खुलते ही खरीदी को तत्काल बंद कर दिया गया।
बताया जा रहा है कि केंद्र प्रभारी के रूप में काम कर रहे एक पटवारी द्वारा धान खरीदी शुरू होते ही इस तरह की हेराफेरी की जा रही थी। केंद्र में अब तक 1152 क्विंटल धान की खरीदी इसी खराब तौल कांटा से की जा चुकी है। किसान का आरोप है कि बिना सत्यापन के ऐसी मशीन कैसे उपयोग की गई या फिर यह कदम जानबूझकर किसानों को लूटने के लिए उठाया गया। किसान ने खरीदे गए धान की पूरी जांच कर जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

