छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के गुरुर नगर में कांग्रेस विधायक संगीता सिन्हा के पति, पूर्व विधायक भैय्याराम सिन्हा और उनके समर्थकों के खिलाफ एक आदिवासी पत्रकार के अपहरण और मारपीट का मामला सामने आया है। पत्रकार विनोद नेताम ने आरोप लगाया है कि उन्हें जबरदस्ती विधायक कार्यालय ले जाया गया, जहां उन्हें जातिगत गालियां दी गईं और पिटाई की गई। गुरुर पुलिस ने विनोद नेताम की शिकायत पर भैय्याराम सिन्हा और अन्य चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
यह विवाद तब शुरू हुआ जब प्रशासन ने 12 जुलाई को गुरुर नगर में अवैध निर्माणाधीन व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स को ध्वस्त करने की कार्रवाई की। इस कार्रवाई का विरोध करने के लिए विधायक संगीता सिन्हा और उनके पति पहुंचे। इसके बाद, भाजपा महिला पार्षद कुंती सिन्हा पर हमले की घटना हुई, जिसकी शिकायत के बावजूद पुलिस कार्रवाई में देरी हुई। डिप्टी सीएम के हस्तक्षेप के बाद पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया और गुरुर थाना के टीआई को निलंबित कर दिया।
इसके बाद, पत्रकार विनोद नेताम की खबर शेयर करने पर उनका अपहरण किया गया और मारपीट की गई। उनके खिलाफ जातिगत गालियों और जान से मारने की धमकियों का आरोप लगाया गया है। पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज की है और जांच जारी है।
इस पूरे मामले ने गुरुर नगर में तनाव बढ़ा दिया है, और विभिन्न पक्षों द्वारा पुलिस और प्रशासन पर आरोप-प्रत्यारोप लगाए जा रहे हैं। मामले की जांच जारी है और पुलिस द्वारा सभी एंगल से तथ्यों की जांच की जा रही है।
