पेंड्रारोड-गेवरारोड रेल लाइन पर पहला ट्रायल सफल, 2026 तक पूरा होने का लक्ष्य

गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही। छत्तीसगढ़ में रेल कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में एक अहम उपलब्धि हासिल हुई है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) के बिलासपुर रेल मंडल के अंतर्गत बन रही पेंड्रारोड-गेवरारोड रेल परियोजना ने नया मील का पत्थर पार किया है। 30 मार्च को पेंड्रारोड-भाड़ी-पेंड्रारोड डबल लाइन सेक्शन पर पहले डीजल इंजन का सफल ट्रायल रन किया गया।

सीनियर सेक्शन इंजीनियर कार्तिक पासवान के अनुसार, इरकॉन द्वारा निर्मित इस ट्रैक पर इंजन का परीक्षण पूरी तरह सफल रहा है। मौजूदा प्रगति को देखते हुए उम्मीद है कि पेंड्रारोड से गेवरारोड तक की पूरी परियोजना दिसंबर 2026 तक पूरी हो जाएगी।

करीब 135 किलोमीटर लंबी यह रेल लाइन इरकॉन और छत्तीसगढ़ ईस्ट वेस्ट रेलवे लिमिटेड (CEWRL) के संयुक्त प्रयास से तैयार की जा रही है। फिलहाल पेंड्रारोड से भाड़ी के बीच 25 किलोमीटर का हिस्सा ट्रायल के लिए तैयार है, जबकि शेष 110 किलोमीटर पर तेजी से काम जारी है।

यह परियोजना कोयला परिवहन को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी, क्योंकि गेवरारोड क्षेत्र एशिया की प्रमुख कोयला खदानों में शामिल है। इसके साथ ही भविष्य में यात्री ट्रेनों के संचालन से पेंड्रारोड और कोरबा-गेवरा के बीच सफर आसान होगा। नई रेल लाइन से क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

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