रायपुर। राजधानी रायपुर में गुरुवार रात गणेशोत्सव के विसर्जन की झांकियां बड़े धूमधाम और उत्साह के साथ निकलीं। इस भव्य आयोजन को देखने के लिए हजारों लोग दूर-दूर से आए थे। इस साल करीब 90 से अधिक झांकियां निकाली गईं, और पूरे शहर में एक पारंपरिक और सांस्कृतिक माहौल देखने को मिला। प्रशासन की सख्ती के चलते कानफोड़ू डीजे की आवाज सुनाई नहीं दी, लेकिन इसके बावजूद झांकियों में जोश और उल्लास की कोई कमी नहीं थी। अनुशासन के साथ इस उत्सव में शहर की संस्कृति और परंपराओं की झलक साफ तौर पर दिखी।
पारंपरिक वाद्य यंत्रों का उपयोग
इस बार की झांकियों में पुराने दौर की झलक देखने को मिली, जहां अधिकांश झांकियों में पारंपरिक वाद्य यंत्रों जैसे दफड़ा, गाड़ा बाजा, और बैंड का उपयोग किया गया। इन वाद्य यंत्रों की धुनों के साथ झांकियों ने पूरे शहर में गणेश विसर्जन के उत्सव को और अधिक खास बना दिया। झांकियों में समिति के सदस्यों और शहरवासियों ने मिलकर पूरे उल्लास के साथ हिस्सा लिया। इसके अलावा, कुछ झांकियों में सीमित संख्या में साउंड सिस्टम और लाइट्स का भी इस्तेमाल किया गया, जिससे माहौल और भी जीवंत हो गया।
झांकी के दौरान हत्या की घटना
जहां एक ओर झांकियों का उत्सव पूरे जोश के साथ चल रहा था, वहीं दूसरी ओर देवेन्द्रनगर थाना क्षेत्र के फोकटपारा में एक 20 वर्षीय युवक की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। यह घटना रात करीब 11 बजे की है, जब झांकियों का कारवां शुरू हुआ था। झांकियों के दौरान उमड़ने वाली भीड़ को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने पहले से ही कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की थी। 20 अधिकारियों के नेतृत्व में 1,000 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था। इसके बावजूद, इस हत्या की घटना से पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया।
डीजे के साथ निकलीं झांकियां
हालांकि प्रशासन ने डीजे के इस्तेमाल पर सख्त आदेश दिए थे, लेकिन इसके बावजूद कई झांकियां डीजे के साथ निकलीं। इसके अलावा, धुमाल पार्टी और आकर्षक लाइटों से सजी झांकियां भी लोगों का ध्यान खींचने में सफल रहीं। शारदा चौक से महादेव घाट की ओर जाने वाली इन झांकियों ने शहर में एक उत्सवमय माहौल बना दिया, और दर्शक भी इन झांकियों का भरपूर आनंद लेते नजर आए। उत्सव का यह जोश और उल्लास सुबह तक जारी रहा, जहां लोग भगवान गणेश के विसर्जन के इस अनोखे आयोजन का हिस्सा बनते रहे।

