देश में रामलीला की कई अनूठी परंपराएं देखने को मिलती हैं। ऐसी ही एक खास परंपरा इस गांव में निभाई जा रही है, जहां बेटियां रामलीला में पुरुष किरदारों की भूमिका निभाती हैं। पिछले 13 साल से चली आ रही इस परंपरा में लड़कियां पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लेती हैं। खास बात यह है कि शादी के बाद भी शिवानी भगवान राम का किरदार निभाने के लिए मंच पर उतरती हैं। उनकी भागीदारी इस परंपरा के प्रति समर्पण को दर्शाती है।
रामलीला में पुरुष पात्रों की भूमिका निभाकर ये बेटियां अपनी प्रतिभा और कला का प्रदर्शन करती हैं। भगवान राम के किरदार को निभाने के लिए संवाद, अभिनय और मंच पर प्रस्तुति की तैयारी करनी पड़ती है। शिवानी का लगातार इस भूमिका को निभाना गांव की रामलीला को खास पहचान देता है।
यह परंपरा धार्मिक आस्था के साथ-साथ सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने का भी उदाहरण है। गांव की बेटियों की भागीदारी दिखाती है कि परंपराओं को जीवित रखने में महिलाएं भी अहम भूमिका निभा रही हैं।

