गरियाबंद में फुटकर व्यापारियों की भूख हड़ताल, आबंटन में भेदभाव का आरोप—बारिश में बिगड़ी हालत

गरियाबंद। नगर पालिका द्वारा बाजार व्यवस्थापन में भेदभाव के आरोप लगाते हुए गरियाबंद के फुटकर व्यापारी भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। शुक्रवारी बाजार के 50 से ज्यादा व्यापारियों ने विरोध में मोर्चा खोल दिया है, जिनमें से 9 व्यापारी, जिनमें 5 महिलाएं शामिल हैं, शनिवार सुबह से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं।

व्यापारियों का आरोप है कि बाजार स्थल के आबंटन में पारदर्शिता नहीं बरती गई और लॉटरी प्रक्रिया में पक्षपात हुआ है। वहीं नगर पालिका अध्यक्ष रिखी राम यादव का कहना है कि निर्माण पूरा होने के बाद ही सभी को व्यवस्थित तरीके से बैठने की व्यवस्था की जाएगी।

बीमार पड़ रहे हैं व्यापारी, टेंट में घुसा बारिश का पानी

गांधी मैदान में जारी धरना प्रदर्शन पर लगातार बारिश और खराब मौसम का असर दिखने लगा है। टेंट गीले हो गए हैं और कुछ व्यापारियों की तबीयत भी बिगड़ने लगी है।
टिकेश्वरी योगी, निहाल नेकराम, पुरुषोत्तम सिन्हा, शहजादी बेगम और प्रिया वर्मा की शुगर लेवल गिर गई, डॉक्टरों ने ग्लूकोज चढ़ाने की सलाह दी, लेकिन सभी ने इलाज लेने से इनकार कर दिया।
समीर खान, अल्ताफ खान, बंटी खान और अंजुमन बेग भी हड़ताल पर डटे हुए हैं।

पार्षदों ने दिया समर्थन

इस प्रदर्शन को पार्षद छगन यादव, पुना राम, निरंजन प्रधान और पार्वती ध्रुव का भी समर्थन मिला है। वे धरना स्थल पहुंचे और व्यापारियों की मांगों को जायज ठहराया।

क्या चाहते हैं व्यापारी?

फुटकर व्यापारियों की प्रमुख मांगें:

  • आबंटन प्रक्रिया को निरस्त किया जाए
  • बैठक व्यवस्था पूर्ववत रखी जाए
  • निर्माण पूरा होने के बाद ही आबंटन किया जाए
  • रिक्त स्थलों को जरूरतमंद व्यापारियों को दिया जाए
  • लॉटरी में हुई गड़बड़ियों की जांच हो

पालिका का पक्ष:

पालिका अध्यक्ष का कहना है कि पारंपरिक बाजार को व्यवस्थित करने के लिए व्यवसायों को श्रेणी अनुसार अलग किया जा रहा है। अभी तक जिस हिस्से का निर्माण पूरा हुआ है, वहीं के व्यापारियों को स्थान दिया गया है। जब तक पूरा निर्माण नहीं होता, पूर्ण व्यवस्थापन संभव नहीं है।

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