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अर्धनारीश्वर रूप में विराजे गौरी-शंकर, अंजुरी का जल बताएगा आशीर्वाद मिला या नहीं

Maha Shivratri

Maha Shivratri

Maha Shivratri : मध्य प्रदेश के सागर जिले में स्थित गौरी-शंकर मंदिर अपनी अनोखी मान्यताओं के लिए जाना जाता है। यह मंदिर भगवान शिव और देवी पार्वती को अर्धनारीश्वर रूप में दर्शाता है, जो एक अद्भुत और दुर्लभ दृश्य है। यह मंदिर विंध्य चट्टानों के कटाव में बहने वाली देहार नदी के किनारे, चट्टानों के बीचों बीच स्थित गौरी शंकर मंदिर एक अद्भुत तीर्थस्थल है।

अंजुरी का जल:

यहाँ एक अनोखी मान्यता है कि भक्त यदि अपनी अंजुरी में जल लेकर भगवान शिव का अभिषेक करते हैं, तो जल का गिरना या रुकना दर्शाता है कि उनकी मनोकामना पूरी होगी या नहीं। यदि जल अंजुरी में रुक जाता है, तो यह माना जाता है कि भगवान शिव ने भक्त की मनोकामना स्वीकार कर ली है।

महाशिवरात्रि का महत्व:

महाशिवरात्रि का त्यौहार इस मंदिर में विशेष महत्व रखता है। इस दिन, बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन करने और उनसे आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए यहां आते हैं। यह मंदिर उन श्रद्धालुओं के लिए एक महत्वपूर्ण स्थान है जो भगवान शिव के प्रति अपनी भक्ति और श्रद्धा व्यक्त करना चाहते हैं।

यहाँ जाने के लिए:

यह मंदिर सागर जिले के गढ़ाकोटा तहसील में स्थित है। यह सागर शहर से लगभग 60 किलोमीटर दूर है। आप बस या टैक्सी से यहाँ आसानी से पहुंच सकते हैं।

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