रायपुर। छत्तीसगढ़ का कोंडागांव शनिवार को अचानक ‘शिमला’ बन गया। यहां करीब 40 मिनट तक लगातार ओले गिरते रहे, जिससे पूरा इलाका बर्फ जैसी सफेदी में ढंक गया। स्थानीय निवासी गितेश गांधी ने लल्लूराम को वहां की तस्वीरें और वीडियो भेजी हैं, जिनमें ओले आलू जैसे आकार के नजर आ रहे हैं।
जहां एक ओर तेज बारिश और ओलों ने लोगों को चिलचिलाती गर्मी से राहत दी, वहीं दूसरी ओर किसानों के लिए यह आफत बनकर बरसी। मक्के की तैयार फसल ओलों की चपेट में आकर बुरी तरह प्रभावित हुई है। किसानों ने बताया कि इस समय फसल कटाई के बिलकुल कगार पर थी, ऐसे में पौधों का गिरना उनकी महीनों की मेहनत को बर्बाद कर सकता है।
रबी फसल और जनजीवन भी प्रभावित
मौसम की इस अचानक मार से रबी फसलों को भी नुकसान पहुंचने की आशंका है। इसके साथ ही तेज हवाओं और भारी बारिश ने जनजीवन को भी अस्त-व्यस्त कर दिया है। कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है, जिससे लोगों को आवाजाही में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
हालांकि तापमान में गिरावट से मौसम खुशनुमा हो गया है और गर्मी से राहत मिली है, लेकिन किसानों के लिए यह ओलावृष्टि भारी नुकसान का संकेत बनकर आई है। किसान अब सरकार से मुआवजे की मांग कर सकते हैं। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में फिर से मौसम के बदलने की संभावना जताई है।

