बिलासपुर, “अब सड़क पर खून की एक बूंद नहीं” इस संकल्प को पूरा करने के लिए छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक अनूठा बैंक खुला है। इस बैंक का संचालन कोई बैंक के अधिकारी नहीं, बल्कि पुलिस के जवान करते हैं। इसका नाम ‘हेलमेट बैंक’ दिया गया है।
सड़क हादसों में हो रही मौतों को गंभीरता से लेते हुए बिलासपुर एसपी रजनेश सिंह ने प्रदेश में पहले हेलमेट बैंक अभियान की शुरुआत की है। पहले चरण में चकरभाठा, सकरी, कोनी और सरकंडा थाना में 50-50 हेलमेट बैंक में रखे गए हैं।
दरअसल सड़कों पर सर्वाधिक चलने वाले वाहनों में दोपहिया वाहन प्रमुख हैं जो कि हर स्तर के लोगों की पहुंच के भीतर हैं।
ASP ट्रैफिक नीरज चंद्रकार ने बताया कि अब कोई भी व्यक्ति अपनी यात्रा के दौरान अपने परिचय पत्र की फोटोकापी जमा करके इस बैंक से 24 घंटे के लिए निशुल्क हेलमेट ले सकता है।
बिलासपुर जिले में 5 महीने के भीतर 506 एक्सीडेंट के मामले सामने आए हैं। इनमें 135 लोगों की जान गई है और 480 लोग घायल हुए हैं। इसके बाद से जागरूकता फैलाई जा रही है।
“अब सड़क पर खून की एक बूंद नहीं” बिलासपुर पुलिस का यह प्रयास सिर्फ छत्तीसगढ़ ही नहीं, पूरे देश में मील का पत्थर साबित होगा। इस अभियान से बिलासपुर पुलिस की तारीफ हो रही है।
पहले चरण में चकरभाठा, सकरी, कोनी और सरकंडा थाना में 50-50 हेलमेट बैंक में रखे गए हैं।
लोगों का कहना है कि छोटी से लेकर बड़ी यात्रा में सुरक्षा मानकों के अभाव में सर्वाधिक दुर्घटना के शिकार दोपहिया वाहन चालक ही होते हैं। पुलिस का कहना है कि ज्यादातर हादसों में बाइक सवार की हेड इंजरी की वजह से मौत होती है। अगर ये लोग हेलमेट का इस्तेमाल करते तो उनकी जान बचाई जा सकती थी।
अब कोई भी व्यक्ति अपनी यात्रा के दौरान अपने परिचय पत्र की फोटोकापी जमा करके इस बैंक से 24 घंटे के लिए निशुल्क हेलमेट ले सकता है।
पुलिस की इस अनूठी पहल को आम जनता खूब पसंद कर रही है। इतना ही नहीं कुछ ऐसे लोग भी हैं जो पुलिस के इस अभियान से जुड़कर हेलमेट बैंक को डोनेट करने की बात कह रहे हैं।

