Site icon India & World Today | Latest | Breaking News –

आतंक का अंत: बीमार हिड़मा 5 महीने जंगल में छिपा, तेलंगाना अस्पताल जाते ही ढेर

बीजापुर/हैदराबाद: छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े नक्सली आतंक का अंत हो गया। 1 करोड़ इनामी मड़वी हिड़मा उर्फ बसवराज (CPI माओवादी सेंट्रल कमेटी सदस्य, PLGA चीफ) को तेलंगाना STF ने 18 नवंबर 2025 की सुबह हैदराबाद के पास भद्राद्री कोठागुडेम जिले में मार गिराया। हिड़मा पिछले 5 महीने से किडनी की गंभीर बीमारी से जूझ रहा था। सुरक्षाबलों के दबाव से जंगल में छिपा रहा, डायलिसिस नहीं हो पाया। अंत में इलाज के लिए तेलंगाना भागा, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही मारा गया।

मुठभेड़ का विवरण: सूचना मिली कि हिड़मा अपने 4-5 साथियों के साथ इलाज के लिए निकला। तेलंगाना ग्रेहाउंड व छत्तीसगढ़ DRG-STF की संयुक्त टीम ने घेराबंदी की। सुबह 5 बजे फायरिंग शुरू हुई। हिड़मा व उसके बॉडीगार्ड ढेर, 2 भागने में सफल। बरामदगी: AK-47, इंसास, IED, माओवादी दस्तावेज।

हिड़मा का आतंक: 2010 से बस्तर डिविजनल कमेटी सचिव, 2013 से PLGA प्रमुख। 131 जवानों की हत्या, 2017 जुझुरु हमला (27 जवान शहीद), 2021 सुकमा हमला (22 जवान शहीद) का मास्टरमाइंड। 2025 में 259 नक्सली ढेर, 496 सरेंडर के बीच हिड़मा का अंत नक्सलवाद पर निर्णायक प्रहार।

CM विष्णु देव साय: “बस्तर में शांति की नई सुबह। हिड़मा के साथ नक्सलवाद का अंत शुरू।” गृह मंत्री विजय शर्मा: “जो भाग रहे हैं, वे या तो सरेंडर करें या यही हश्र।” बस्तर में जवानों व ग्रामीणों ने खुशी मनाई।

Exit mobile version