बीजापुर: नक्सल उन्मूलन अभियान में मारे गए 1 करोड़ इनामी हिड़मा (मड़वी हिड़मा उर्फ बसवराज) की जिंदगी में प्यार की अनोखी दास्तान थी। CPI माओवादी के PLGA चीफ हिड़मा ने 131+ सुरक्षाकर्मियों समेत 300 से ज्यादा हत्याओं के बाद भी प्यार का इजहार लेटर से किया। 2010 में बस्तर डिविजनल कमेटी में शामिल राजे मंडवी को पत्र लिखा: “तुम्हारे बिना जंगल अधूरा।” 2 साल तक इंतजार, राजे ने हामी भरी। संगठन नियमों के तहत हिड़मा ने नसबंदी कराई, फिर गुप्त शादी।
प्यार की कहानी: राजे भी नक्सली, पामेड़ एरिया कमेटी में सक्रिय। दोनों ने 2012 में जंगल में विवाह किया, लेकिन संगठन के ‘नो फैमिली’ नियम से अलग रहे। हिड़मा ने राजे को पत्रों में लिखा, “हमारी लड़ाई प्यार की तरह मजबूत।” राजे पर 5 लाख इनाम। 18 नवंबर को तेलंगाना मुठभेड़ में हिड़मा ढेर, राजे 19 नवंबर को छत्तीसगढ़-आंध्र बॉर्डर पर देवजी के साथ मारी गई।
अंतिम सफर: राजे के शव से हिड़मा के पुराने पत्र बरामद। CM विष्णु देव साय: “नक्सलवाद का अंत, प्यार भी हिंसा में डूबा।” यह जोड़ी बस्तर के सबसे खतरनाक दंपति थी।