बिलासपुर। न्यायधानी स्थित मेडिकल कॉलेज सिम्स की बदहाल व्यवस्था को लेकर हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए इसे जनहित याचिका के रूप में सुनवाई के लिए स्वीकार किया है। मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस और जस्टिस बीडी गुरु की डिवीजन बेंच में हुई।
सुनवाई के दौरान छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन (CGMSC) की ओर से बताया गया कि आवश्यक मशीनों के लिए टेंडर प्रक्रिया जारी है और दावा-आपत्ति भी आमंत्रित की गई है। प्रक्रिया जल्द पूरी कर ली जाएगी। कोर्ट ने CGMSC को निर्देश दिए हैं कि जनवरी के दूसरे सप्ताह में अगली सुनवाई के दौरान टेंडर से जुड़े सभी दस्तावेजों के साथ पेश हों।
गौरतलब है कि सिम्स में मशीनों की अव्यवस्था और मरीजों के इलाज में हो रही दिक्कतों को लेकर प्रकाशित खबरों के आधार पर हाईकोर्ट ने इस मामले में संज्ञान लिया था। कोर्ट ने टेंडर प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने पर जोर देते हुए स्पष्ट निर्देश दिए हैं।

