बिलासपुर: साल 2003 के चर्चित रामावतार जग्गी हत्याकांड में हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए ट्रायल कोर्ट के निर्णय को पलट दिया है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा की खंडपीठ ने सीबीआई की अपील स्वीकार करते हुए अमित जोगी को हत्या और आपराधिक षड्यंत्र का दोषी ठहराया है।
कोर्ट ने उन्हें आजीवन कारावास और 1,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर अतिरिक्त छह माह की सजा होगी।
यह फैसला 2007 में ट्रायल कोर्ट द्वारा अमित जोगी को बरी किए जाने के निर्णय को बदलता है। हाईकोर्ट ने कहा कि एक ही साक्ष्य पर अन्य आरोपियों को सजा देना और मुख्य आरोपी को बरी करना गलत था।
गौरतलब है कि 4 जून 2003 को एनसीपी नेता रामावतार जग्गी की गोली मारकर हत्या की गई थी। मामले में पहले 28 आरोपियों को सजा मिली थी, जबकि अमित जोगी बरी हो गए थे, जिसे अब हाईकोर्ट ने पलट दिया है।

