गरियाबंद। धार्मिक नगरी राजिम में अवैध प्लाटिंग और भू-माफियाओं की गतिविधियों को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। आरोप है कि कृषि भूमि का डायवर्सन कराए बिना कॉलोनियां बसाई जा रही हैं और प्लॉट बेचने के लिए नहरों व तालाबों तक को पाटा जा रहा है।
बरोंडा निवासी नेतराम धृतलहरे ने 2 जुलाई को कलेक्टर भगवान सिंह उइके से शिकायत करते हुए आरोप लगाया कि खसरा नंबर 584 में दर्ज करीब डेढ़ एकड़ के निस्तारी तालाब को अवैध प्लाटिंग के लिए पाट दिया गया। उन्होंने शिकायत के साथ वीडियो साक्ष्य भी सौंपे और दावा किया कि स्थानीय अधिकारियों से शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई। उनका यह भी आरोप है कि चौबे बांधा मार्ग स्थित दानी तालाब को भी भरकर सड़क बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
पूर्व नगर पंचायत प्रतिनिधि पवन सोनकर ने बताया कि वर्ष 2016 में यह तालाब करीब डेढ़ एकड़ क्षेत्रफल का था और मत्स्य पालन के लिए लीज पर दिया गया था। उनका आरोप है कि बाद में रिकॉर्ड में छेड़छाड़ कर तालाब का रकबा कम कर दिया गया और उसके मूल स्वरूप से छेड़छाड़ की गई।
राजिम-गरियाबंद मार्ग पर भी बड़े पैमाने पर अवैध प्लाटिंग के आरोप लगाए गए हैं। शिकायत के अनुसार, कृषि भूमि पर मुरुम डालकर कॉलोनियां विकसित की जा रही हैं और नहर पर ह्यूम पाइप डालकर रास्ते बनाए गए हैं।
मामले में राजिम एसडीएम विशाल महाराणा ने कहा कि अवैध प्लाटिंग की शिकायतों पर अब तक 100 से अधिक रकबों की खरीदी-बिक्री पर प्रतिबंध लगाया जा चुका है। तालाब और नहर पाटने की शिकायत की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

