रायपुर।नवा रायपुर स्थित नई कैपिटल सिटी में 9 और 10 जनवरी को इंडिया इंटरनेशनल राइस समिट का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने आयोजन के लिए छत्तीसगढ़ राइस एक्सपोर्टर एसोसिएशन को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।
वीडियो संदेश के माध्यम से वित्त मंत्री ने सभी राइस एक्सपोर्ट से जुड़े स्टेकहोल्डर्स को इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन में भाग लेने का आमंत्रण दिया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को यूं ही “धान का कटोरा” नहीं कहा जाता। यहां उत्पादित चावल की कई उत्कृष्ट किस्में—जैसे चवाफूल, भूरा जीरा, काला जीरा और दुबराज—ऐसी हैं, जिन्हें वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाई जा सकती है।
वित्त मंत्री ने प्रदेश में ऑर्गेनिक फार्मिंग की अपार संभावनाओं पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ के कई क्षेत्र प्राकृतिक रूप से ऑर्गेनिक खेती कर रहे हैं। बस्तर संभाग के सात जिलों में से दंतेवाड़ा जिले की लगभग 70 प्रतिशत कृषि योग्य भूमि सर्टिफाइड ऑर्गेनिक है, जो पूरे सिक्किम राज्य के ऑर्गेनिक क्षेत्रफल से भी अधिक है। यह चावल और जैविक खेती के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की बड़ी ताकत को दर्शाता है।