खैरागढ़ के इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय में एक विवादास्पद मामला सामने आया है, जहां एमए प्रथम वर्ष के छात्रों को पहले पास घोषित किया गया था, लेकिन बाद में उनकी अंक सूची में उन्हें फेल बताया गया। इस स्थिति ने छात्रों को परेशानी में डाल दिया है, क्योंकि वे पहले ही पास होने की सूचना पर अगली कक्षा में प्रवेश ले चुके थे।
छात्रों ने अपनी समस्या के समाधान के लिए पहले विश्वविद्यालय कार्यालय का रुख किया, लेकिन जब वहां से कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिला, तो उन्होंने जिला कार्यालय जाकर कलेक्टर चंद्रकांत वर्मा से मुलाकात की। कलेक्टर ने समस्या को गंभीरता से लेते हुए एडीएम और प्रभारी कुल सचिव प्रेम कुमार पटेल को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
छात्रों का कहना है कि उन्हें पहले लिखित में प्रबंधन द्वारा अंक सूची दी गई थी, जिसके आधार पर उन्होंने अगली कक्षा में प्रवेश लिया। लेकिन बाद में जब उन्होंने आधिकारिक अंक सूची प्राप्त की, तो पता चला कि उनमें से चार छात्र अनुत्तीर्ण हो गए हैं। छात्रों ने परीक्षा परिणाम में त्रुटियों के सुधार की मांग करते हुए कुलसचिव से छात्रहित में न्याय करने की अपील की है।
इस मामले को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य गुलशन भगत ने भी हस्तक्षेप किया है। उन्होंने छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों पर कार्रवाई की मांग की है और फेल छात्रों को पास करने की भी अपील की है।
विश्वविद्यालय के प्रभारी कुलसचिव और खैरागढ़ जिला के एडीएम प्रेम कुमार पटेल ने कहा है कि छात्रों का आवेदन प्राप्त हुआ है और मामले की जांच की जाएगी। उन्होंने छात्रों को रिवेल (पुनर्मूल्यांकन) के लिए भी कहा है, ताकि स्थिति स्पष्ट हो सके और उचित समाधान निकाला जा सके।

