छत्तीसगढ़ में अनियमित कर्मचारियों की बहुप्रतीक्षित मांगों को लेकर एक बार फिर आंदोलन का बिगुल बज चुका है। 13 अप्रैल को प्रदेशभर के अनियमित कर्मचारी राजधानी रायपुर में जोरदार प्रदर्शन करेंगे। यह प्रदर्शन छत्तीसगढ़ प्रगतिशील अनियमित कर्मचारी फेडरेशन के नेतृत्व में होगा। फेडरेशन के संयोजक गोपाल प्रसाद ने बताया कि रैली के जरिए मुख्यमंत्री निवास का घेराव भी किया जाएगा।
ये हैं कर्मचारियों की 10 सूत्रीय प्रमुख मांगे:
- नियमितीकरण और स्थायीकरण की प्रक्रिया शुरू की जाए
- निकाले गए अनियमित कर्मचारियों की बहाली की जाए
- मानदेय कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन देने की व्यवस्था हो
- अंशकालीन कर्मचारियों को पूर्णकालिक किया जाए
- आउटसोर्सिंग, ठेका और सेवा प्रदाता प्रणाली को बंद किया जाए
- समिति एवं समूह आधारित नियोजन प्रणाली समाप्त की जाए
- सभी विभागों में कार्यरत अनियमित कर्मचारियों के लिए नीति बने
- समान कार्य के लिए समान वेतन लागू हो
- महिला कर्मचारियों को मैटरनिटी बेनिफिट और सुरक्षा मिले
- प्रदर्शन के दौरान किसी भी कर्मचारी पर प्रशासनिक दमन न हो
तूता धरना स्थल से निकलेगी रैली
गोपाल प्रसाद ने बताया कि 13 अप्रैल को सुबह तूता धरना स्थल से रैली निकाली जाएगी, जो राजधानी के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए मुख्यमंत्री निवास की ओर कूच करेगी। हजारों की संख्या में कर्मचारी इस रैली में शामिल होने वाले हैं।
आंदोलन से पहले प्रशासन सतर्क
प्रशासन ने भी इस प्रदर्शन को लेकर तैयारी शुरू कर दी है। सीएम निवास की सुरक्षा व्यवस्था सख्त की जा रही है। कर्मचारी संगठनों का दावा है कि अगर सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानीं, तो वे चरणबद्ध आंदोलन के तहत भूख हड़ताल और प्रदेशव्यापी बंद का एलान भी कर सकते हैं।





