रायपुर. छत्तीसगढ़ राज्य खाद्य आयोग के निरीक्षण में 21 जिलों में संचालित शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में कई खामियां उजागर हुई हैं। इन अनियमितताओं पर सख्त रुख अपनाते हुए आयोग ने संबंधित विभागों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए हैं।
नवा रायपुर स्थित आयोग कार्यालय में अध्यक्ष संदीप शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित अंतरविभागीय बैठक में खाद्य, महिला एवं बाल विकास, स्कूल शिक्षा तथा आदिम जाति एवं अनुसूचित जनजाति विभाग के अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा की गई। निरीक्षण के दौरान उचित मूल्य दुकानों, आंगनबाड़ी केंद्रों, स्कूलों में संचालित मध्यान्ह भोजन योजना और आश्रम-छात्रावासों की व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया।
उचित मूल्य दुकानों में अनियमितता पाए जाने पर आयोग ने सख्ती दिखाई है। नियमित रूप से दुकान नहीं खोलने, आवश्यक सूचनाएं प्रदर्शित नहीं करने और स्टॉक में गड़बड़ी मिलने पर संबंधित संचालकों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
वहीं, मध्यान्ह भोजन योजना के तहत संचालित दो केंद्रीकृत किचनों की व्यवस्था संतोषजनक पाई गई। आयोग ने सुझाव दिया है कि इन किचनों से अधिक से अधिक स्कूलों को जोड़ा जाए, ताकि बेहतर गुणवत्ता का भोजन उपलब्ध कराया जा सके।
इसके अलावा छात्रावासों और स्कूलों में भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए किसी छात्र को मेस प्रभारी बनाने का सुझाव दिया गया है। साथ ही सभी संस्थानों में चावल, दाल, सब्जी और खाद्य तेल की निर्धारित मात्रा का प्रदर्शन और उसका पालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
अध्यक्ष संदीप शर्मा ने कहा कि अधिकांश जिलों में योजनाएं संतोषजनक ढंग से संचालित हो रही हैं, लेकिन जहां कमियां सामने आई हैं, वहां जल्द सुधार जरूरी है। बैठक में आयोग के सदस्य राजेंद्र महिलांग, कुलदीप शर्मा और सदस्य सचिव राजीव कुमार जायसवाल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

