आरंग। केंद्र सरकार की जल जीवन मिशन योजना ग्राम पंचायत देवरी में भ्रष्टाचार और तकनीकी खामियों के चलते सवालों में है। ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए 1 करोड़ 4 लाख 28 हजार रुपये स्वीकृत किए गए थे, लेकिन निर्माण की गुणवत्ता खराब होने से योजना लगभग ठप हो गई है।
नवनिर्मित पानी टंकी से लगातार लीकेज हो रहा है, वहीं कई जगह पाइपलाइन फूट चुकी है, जिससे बीते 10–15 दिनों से गांव की जलापूर्ति बंद है। सुरक्षा मानकों की भी अनदेखी की गई है—अब तक पंप हाउस नहीं बना है और बिजली के कनेक्शन खुले में पड़े हैं।
‘हर घर जल’ के दावे के बावजूद कई वार्डों तक पाइपलाइन नहीं पहुंची है। सरपंच प्रतिनिधि टेकचंद साहू ने कहा कि शिकायतों के बाद भी सुधार नहीं हुआ तो ग्रामीण आंदोलन करेंगे। ग्रामीणों ने मामले की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
वहीं ठेकेदार संजय कुमार अग्रवाल ने मरम्मत का आश्वासन दिया है, जबकि पीएचई विभाग की उप अभियंता रानू दिनकर ने तकनीकी कारणों से हैंडओवर नहीं होने की बात कही है।