छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में माहौल उस वक्त बेहद तनावपूर्ण हो गया जब आदिवासी और ईसाई समुदाय के लोग आपस में भिड़ गए। विवाद की शुरुआत शव दफनाने को लेकर हुई, जिसने देखते ही देखते उग्र हिंसा का रूप ले लिया। उपद्रवियों ने 2 चर्चों में आग लगा दी और एक-दूसरे को सड़कों पर दौड़ा-दौड़ाकर पीटा।
इस हिंसा को रोकने पहुँचे पुलिस बल पर भी हमला किया गया, जिसमें एडिशनल एसपी (ASP) और लगभग 20 पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं।
विवाद की वजह: शव दफनाने पर गतिरोध
मिली जानकारी के अनुसार, गांव में एक व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसे दफनाने को लेकर दोनों समुदायों के बीच सहमति नहीं बन पाई। आदिवासी समुदाय का तर्क था कि उनकी पारंपरिक ज़मीन पर अन्य रीति-रिवाजों से दफनाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसी बहस ने हिंसक मोड़ ले लिया।
हिंसा और तांडव (VIDEO Highlights)
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो (VIDEO) में देखा जा सकता है कि:
• भीड़ ने किस तरह चर्चों को निशाना बनाया और आगजनी की।
• लोग लाठी-डंडों के साथ एक-दूसरे पर हमला कर रहे हैं।
• पुलिस बल स्थिति को नियंत्रित करने के लिए संघर्ष कर रहा है, लेकिन पत्थरबाजी में कई जवान लहूलुहान हो गए।
प्रशासन की कार्रवाई
कांकेर में तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। जिले के आला अधिकारी मौके पर मौजूद हैं। प्रशासन ने शांति बनाए रखने की अपील की है और उपद्रवियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के निर्देश दिए गए हैं। फिलहाल इलाके में धारा 144 जैसे कड़े प्रतिबंधों पर विचार किया जा रहा है।