रायपुर। खारुन नदी के पुराने पुल की मरम्मत का कार्य तय समय से पहले केवल 16 दिनों में पूरा कर लिया गया, जबकि इसके लिए 30 दिन का समय निर्धारित था। प्रतिदिन करीब डेढ़ लाख वाहनों की आवाजाही को देखते हुए रायपुर और दुर्ग पुलिस पूरी तरह अलर्ट रही और यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष व्यवस्था की गई।
दोनों जिलों के 80 से अधिक ट्रैफिक जवान और अधिकारी पुल के दोनों ओर और उससे जुड़ी सड़कों पर सुबह-शाम तैनात रहे। दुर्ग एसएसपी विजय अग्रवाल समय-समय पर मौके पर पहुंचकर कार्य की प्रगति और यातायात व्यवस्था का निरीक्षण करते रहे तथा आवश्यक निर्देश देते रहे।
वहीं, रायपुर पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने बताया कि दोनों जिलों के बीच बेहतर समन्वय बनाकर यातायात को प्रभावित होने से बचाया गया। उन्होंने इस व्यवस्था के लिए दुर्ग एसएसपी विजय अग्रवाल की सराहना भी की।
मरम्मत कार्य 1 अप्रैल से शुरू हुआ था। 31 मार्च की आधी रात के बाद से पुल पर भारी वाहनों की आवाजाही रोक दी गई थी। छोटे वाहनों को कुम्हारी की ओर से दूसरे पुल के माध्यम से डायवर्ट किया गया, जिससे एक ही पुल पर दोनों दिशाओं का ट्रैफिक संचालित किया गया। इसके अलावा, नीचे स्थित लघु पुल का उपयोग रायपुर से दुर्ग जाने वाले वाहनों के लिए किया गया।
यातायात व्यवस्था को बनाए रखने के लिए रायपुर की ओर टाटीबंध चौक, रायपुरा ब्रिज और सिलतरा बाईपास जैसे प्रमुख स्थानों पर भी पुलिस बल तैनात रहा। दुर्ग एसएसपी के अनुसार, प्रतिदिन 70 से 80 जवान इस व्यवस्था में लगे रहे। रात के समय कर्मचारियों की संख्या कम थी, लेकिन ठेका कर्मियों ने 24 घंटे कार्य जारी रखा।
गुरुवार शाम पुल पर ट्रायल रन किया गया, जिसके बाद शुक्रवार से पुल को आम यातायात के लिए खोल दिया जाएगा।

