बीजापुर। छत्तीसगढ़ और तेलंगाना की सीमा पर सुरक्षा बलों ने नक्सलियों के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा एंटी नक्सल ऑपरेशन शुरू किया है। मंगलवार सुबह से चल रहे इस ऑपरेशन में 5000 से अधिक सुरक्षाबलों ने माओवादी संगठन की बटालियन नंबर-1 को चारों ओर से घेर लिया है। उसूर थाना क्षेत्र के कर्रेगट्टा, नडपल्ली और पुजारी कांकेर की पहाड़ियों पर 30 घंटे से लगातार गोलीबारी जारी है।
इस बड़े अभियान में छत्तीसगढ़, तेलंगाना और महाराष्ट्र के जवानों ने संयुक्त मोर्चा संभाला है। CRPF, DRG, STF, कोबरा, तेलंगाना की ग्रेहाउंड्स और महाराष्ट्र की C-60 फोर्स इस अभियान में शामिल हैं। अब तक 100 से अधिक IEDs बरामद हुए हैं, जिन्हें जवानों को निशाना बनाने के लिए बिछाया गया था।
ड्रोन और सैटेलाइट से निगरानी
सुरक्षा बलों ने कर्रेगुट्टा पहाड़ पर ड्रोन और सैटेलाइट की मदद से निगरानी तेज कर दी है। पहाड़ी इलाकों में डी-माइनिंग का काम भी जारी है। खुफिया जानकारी के मुताबिक इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में माओवादियों के बड़े कैडर सक्रिय हैं, जिसके चलते हजारों जवानों की तैनाती की गई है।
जवानों को भेजी गई रसद, दो घायल
मुठभेड़ स्थल पर हेलीकॉप्टर के जरिए जवानों को पानी और भोजन पहुंचाया गया है। वहीं बीजापुर से बैकअप के तौर पर अतिरिक्त फोर्स रवाना की गई है। मुठभेड़ के दौरान दो जवान घायल हो गए, जिन्हें एयरलिफ्ट कर रायपुर रेफर किया गया है।
हिड़मा समेत कई टॉप नक्सली घेरे में
सूत्रों के अनुसार इस इलाके में नक्सलियों की बटालियन नंबर-1 और 2 के साथ-साथ अन्य कंपनियां भी सक्रिय हैं। करीब 100 नक्सलियों की मौजूदगी की पुष्टि हुई है। टॉप नक्सली लीडर हिड़मा, देवा और विकास समेत आंध्र, तेलंगाना और महाराष्ट्र की सेंट्रल कमेटी, DKSZCM, DVCM और ACM जैसे संगठनात्मक स्तर के बड़े नेता भी इस घेरे में बताए जा रहे हैं।

