रायपुर : छत्तीसगढ़ के 2200 करोड़ रुपये के शराब घोटाले में अब उत्तर प्रदेश पुलिस भी शामिल हो गई है। नकली होलोग्राम बनाने के आरोप में लखनऊ STF की टीम गुरुवार को रायपुर पहुंची।
सूत्रों के अनुसार, STF टीम रिटायर्ड आईएएस अनिल टुटेजा, कारोबारी अनवर ढेबर, एपी त्रिपाठी और अरविंद सिंह समेत 5-7 आरोपियों को अपने साथ लखनऊ लेकर जा सकती है। ये सभी आरोपी फिलहाल जेल में बंद हैं।
छत्तीसगढ़ में हुए शराब घोटाले में आरोप है कि कुछ अधिकारियों और कारोबारियों ने मिलकर करोड़ों रुपये का घोटाला किया था। इन आरोपियों ने मिलकर नकली होलोग्राम का इस्तेमाल करके शराब की अवैध बिक्री की थी। इससे सरकार को भारी राजस्व का नुकसान हुआ था।
ईडी की शिकायत पर 68 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। FIR में आरोप लगाया गया है कि टुटेजा, त्रिपाठी और ढेबर ने मिलकर एक सिंडीकेट बनाया था और नकली होलोग्राम का इस्तेमाल करके शराब की अवैध बिक्री की थी। इस घोटाले से इन आरोपियों ने करोड़ों रुपये कमाए थे।
इस घोटाले में ईडी ने 68 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया है। इनमें से कई आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस मामले में अभी भी जांच जारी है।
घोटाले में कई बड़े नाम शामिल:
FIR में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्य सचिव विवेक ढांड और तत्कालीन आबकारी मंत्री कवासी लखमा का भी नाम शामिल है। आरोप है कि ढांड ने सिंडीकेट को संरक्षण दिया था और लखमा को हर महीने 50 लाख रुपये का हिस्सा मिलता था।