Raipur : एम. ए. छत्तीसगढ़ी छात्र संगठन, पं. रविवि, रायपुर के एक प्रतिनिधिमंडल प्रदेश अध्यक्ष ऋतुराज साहू के नेतृत्व मे छत्तीसगढ़ के महामाहिम राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन जी से राजभवन जाकर मुलाक़ात किया। अध्यक्ष ऋतुराज साहू ने बताया की महामहिम जी को विभिन्न सूत्रीय मांग को लेकर ज्ञापन सौपा गया…
मांग
- राज्य के स्कूलों में अनिवार्य रूप से छत्तीसगढ़ी भाषा की पढ़ाई।
- सरकारी काम-काज की भाषा बने छत्तीसगढ़ी।
- नई शिक्षा नीति के तहत विवि और उनसे सम्बद्ध महाविद्यालयों में स्नातक व स्नातकोत्तर स्तर में छत्तीसगढ़ी भाषा को अनिवार्य रूप से पढ़ाया जाय।
- रोजगार में छत्तीसगढ़ी।
- त्रिभाषा फार्मूला के तहत प्रदेश की राजभाषा छत्तीसगढ़ी में हो पढ़ाई।
- सभी सरकारी कार्यालय में छत्तीसगढ़ी अनुवादक के रूप में एम. ए. छत्तीसगढ़ी डिग्रीधारियों की हो भर्ती।
- छत्तीसगढ़ी राजभाषा आयोग का समस्त जिलों में विस्तार कर राजभाषा अधिकारी के रूप में नियुक्ति।
- विधानसभा मे 16 फ़रवरी 2024 को शिक्षा मंत्री द्वारा घोषणा एम. ए. छत्तीसगढ़ी डिग्रीधारियों को रोजगार इस पद को शीघ्र निकाले।
जैसी उपरोक्त मांगो को लेकर राज्यपाल को ज्ञापन के माध्यम से अवगत गया।
इन मांगो पर राज्यपाल महोदय ने मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री को मातृभाषा सम्बन्धी इस गंभीर मुद्दे को लेकर तत्काल बात करने के लिए आश्वस्त किया साथ ही कहा की माँ, मातृभाषा, मातृभूमि का कोई विकल्प नहीं हो सकता, छत्तीसगढ़ी अगर प्रदेश मे नहीं पढ़ाई जा रही तो यह बहुत बड़ी विडंबना है, छत्तीसगढ़ राज्य छत्तीसगढ़ी भाषा के वजह से बनाया गया है इस भाषा को अवश्य सम्मान मिलेगा। इस अवसर राज्यपाल जी को छत्तीसगढ़ी पटका और छत्तीसगढ़ी लोक संस्कृति से जुड़ी कलाकृति देकर सम्मानित भी किया गया।
भेट मुलाक़ात के दौरान संगठन के संजीव साहू, जिनेन्द्र यादव, अजय पटेल, पूजा परघनिया, विनय बघेल, किरन देवांगन, रजत बंजारे, अंकित एवं अदिति गुप्ता मौजूद रहे।

