महासमुंद। बिरकोनी औद्योगिक क्षेत्र स्थित फ्लोटेक्स सोलर प्राइवेट लिमिटेड में काम करने वाले सैकड़ों मजदूर आज अपने मांगों को लेकर फैक्ट्री के बाहर प्रदर्शन पर बैठ गए। मजदूरों ने आरोप लगाया कि लंबे समय से उन्हें अनियमित वेतन, कम मजदूरी, सुरक्षा उपकरणों की कमी और पीएफ कटौती न होने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
फैक्ट्री प्रबंधन द्वारा शिकायतों को नजरअंदाज किए जाने पर मजदूर कलेक्टोरेट पहुंचे और कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर न्याय की मांग की।
जानकारी के अनुसार, महासमुंद मुख्यालय से करीब 13 किलोमीटर दूर स्थित बिरकोनी औद्योगिक क्षेत्र में तीन ठेकेदारों के माध्यम से लगभग 300 मजदूर कार्यरत हैं, जिनमें 30 से 35 महिलाएं भी शामिल हैं।
मजदूरों का कहना है कि उनसे रोजाना 12 घंटे तक काम कराया जाता है, जबकि वेतन मात्र 14 हजार रुपये मासिक दिया जाता है। ठेकेदारों ने पहले वेतन वृद्धि का आश्वासन दिया था, लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी मजदूरी में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई।
मजदूरों ने यह भी आरोप लगाया कि सुरक्षा के नाम पर केवल हेलमेट और दस्ताने उपलब्ध कराए जाते हैं, वह भी सभी को नहीं। पीएफ कटौती नहीं की जाती, और आवाज उठाने पर नौकरी से निकालने की धमकी दी जाती है।
मजदूरों का कहना है कि नियमानुसार उन्हें केवल 8 घंटे काम करना चाहिए और अतिरिक्त काम के लिए ओवरटाइम भुगतान मिलना चाहिए, लेकिन फैक्ट्री में श्रम नियमों की खुली अनदेखी हो रही है।
इस पूरे प्रकरण पर कलेक्टर ने बताया कि शिकायत प्राप्त हो गई है। इस संबंध में एक जांच टीम गठित की जा रही है, जो फैक्ट्री में कार्य परिस्थितियों, वेतन और श्रम नियमों के पालन की विस्तृत जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
सूत्रों के अनुसार, बिरकोनी औद्योगिक क्षेत्र में कई ठेकेदार मजदूरों के साथ समान समस्याओं को लेकर चर्चा में रहे हैं। अब प्रशासनिक जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि मजदूरों को कितना न्याय मिल पाता है।

