छत्तीसगढ़ में ‘महतारी सदन’ योजना: महिलाओं को गांव में ही मिलेगा रोजगार

छत्तीसगढ़ में महिलाओं के लिए रोजगार सृजन की दिशा में विष्णुदेव सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। महिलओं को उनके गांव में ही कामकाज मिले, इसके लिए महतारी सदन बनाए जाएंगे. इस योजना के तहक हर ब्लॉक में 10 महतारी सदन होंगे. महतारी सदन के जरिए महिलाओं को रोजगार मिलेगा. एक जानकारी के मुताबिक विभाग पहले 1400 से ज्यादा महतारी सदन बनाने का काम करेगा. आने वाले कुछ सालों में सभी ग्राम पंचायतों में सामुदायिक भवन भी बनाए जाएंगे. बताया जा रहा है कि विभाग ने महतारी सदन का डिजाइन भी तय कर लिया है.

महतारी सदन को लेकर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि प्रदेशभर में महिलाओं की ओर से इस संबंध में मांग की जा रही थी. महतारी सदन महिलाओं के उठने, बैठने और एक साथ जमा होने की जगह होगी. महिलाएं अपनी जरूरतों के हिसाब से इसका इस्तेमाल कर सकेंगी. इस योजना के माध्यम से महिलाओं को सशक्त करने का प्रयास है.

महतारी सदन और रीपा को लेकर कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष धनेन्द साहू ने कहा कि सरकार नाम बदलकर, थोड़ा कलेवर बदलकर योजनाएं ला रही है. गौठान बंद करने की क्या जरूरत थी? रीपा की योजना बंद करने की क्या जरूरत थी? यह सिर्फ नाम बदलने का काम कर रहे है.

मिली जानकारी के मुताबिक, एक महतारी सदन तकरीबन 120 वर्ग मीटर में बनेगा. इसके लिए जिला पंचायत के अध्यक्ष और सदस्यों से भवन के लिए प्रस्ताव भी मंगाए गए है. सरकार महिलाओं को गांव में ही रोजगार देना चाहती है. माना जा रहा है कि महतारी सदन बनाने में प्रदेश के बड़े पंचायतों को प्राथमिकता दी जाएगी. महतारी सदन में 2 कमरे व्यावसायिक उपयोग के लिए हो सकते है. एक हॉल होगा जहां महिलाएं काम कर सकेंगी. यहां एक स्टोर रूम और किचन भी बनाया जाएगा. पानी के लिए ट्यूबवेल, सुरक्षा के लिए बाउंड्री वॉल भी बनाया जाएगा.

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