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महतारी वंदन योजना: आर्थिक सहयोग से आत्मनिर्भरता की ओर महिलाओं का सशक्त सफर

रायपुर, 10 जनवरी 2026। छत्तीसगढ़ में महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता, आत्मसम्मान और सामाजिक भागीदारी को मजबूत करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में शुरू की गई महतारी वंदन योजना आज महिला सशक्तिकरण की एक प्रभावी पहल बनकर उभरी है। यह योजना न केवल नियमित आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है, बल्कि महिलाओं को स्वरोजगार और आजीविका के नए अवसरों से जोड़कर आत्मनिर्भर भी बना रही है।

योजना के तहत पात्र महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपये की सहायता राशि सीधे उनके बैंक खातों में दी जा रही है। अब तक 23 किश्तों में राज्य की लाखों महिलाओं को कुल 14,948 करोड़ 34 लाख रुपये का लाभ मिल चुका है। इस सहायता से महिलाओं की घरेलू जरूरतें आसान हुई हैं और वे आर्थिक निर्णयों में अधिक सक्रिय भूमिका निभाने लगी हैं।

स्वरोजगार को मिला बढ़ावा

महतारी वंदन योजना के जरिए कई महिलाएं छोटे व्यवसाय शुरू कर रही हैं। जांजगीर-चांपा जिले की श्रीमती उर्मिला यादव ने आर्टिफिशियल गहनों का व्यवसाय शुरू कर अतिरिक्त आय अर्जित की। वहीं श्रीमती ज्योति कसेर ने पापड़ निर्माण का काम शुरू कर परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत की। इसी तरह ग्राम सरहर की श्रीमती सुमित्रा कर्ष और श्रीमती कुसुम देवी पाण्डेय ने श्रृंगार सामग्री के व्यवसाय से नियमित आमदनी हासिल की है।

गरीब परिवारों को मिला आर्थिक संबलयह योजना मजदूरी और सीमित आय पर निर्भर परिवारों के लिए भी सहारा बनी है। कबीरधाम जिले की श्रीमती सतरूपा गंधर्व बताती हैं कि योजना से मिली राशि से बच्चों की पढ़ाई और घरेलू खर्च आसानी से पूरे हो रहे हैं, साथ ही बचत भी संभव हो पाई है। बलरामपुर जिले की श्रीमती ओमलता भी इस योजना से लाभान्वित होकर स्वावलंबन की दिशा में आगे बढ़ी हैं।

सम्मान और भागीदारी में वृद्धिमहिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के अनुसार, महतारी वंदन योजना महिलाओं के जीवन में स्थायित्व, आत्मविश्वास और सम्मान लेकर आई है। नियमित आर्थिक सहायता से महिलाओं की पारिवारिक और सामाजिक भागीदारी बढ़ी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि योजना का लाभ हर पात्र महिला तक पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पहुंचे।

महतारी वंदन योजना आज केवल सहायता योजना नहीं, बल्कि महिलाओं के सपनों, आत्मनिर्भरता और सामाजिक सशक्तिकरण की मजबूत नींव बन चुकी है, जो छत्तीसगढ़ को महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में नई पहचान दिला रही है।

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