जगदलपुर/गोंदिया। नक्सल मोर्चे से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। महाराष्ट्र के गोंदिया में MMC (महाराष्ट्र–मध्यप्रदेश–छत्तीसगढ़) स्पेशल जोनल कमेटी के प्रवक्ता अनंत ने अपने 10 साथियों के साथ आत्मसमर्पण कर दिया है। यह सरेंडर उस वक्त हुआ है जब संगठन ने कुछ घंटे पहले ही तीनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों को पत्र भेजकर शांति की अपील की थी और 1 जनवरी 2026 तक सामूहिक आत्मसमर्पण की अनुमति मांगी थी।
सूत्रों के अनुसार, शुक्रवार को ही CPI-M MMC जोन की ओर से तीनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों को पत्र जारी कर 1 जनवरी 2026 को सामूहिक आत्मसमर्पण की घोषणा की गई थी। साथ ही यह मांग भी रखी गई कि आत्मसमर्पण की तारीख तक नक्सल-विरोधी अभियान पूरी तरह रोका जाए।
झीरम हत्याकांड के मास्टरमाइंड चैतू सहित 10 माओवादी कैडरों ने किया सरेंडर
शुक्रवार को बस्तर के शौर्य भवन पुलिस कोऑर्डिनेशन सेंटर, लालबाग में पूना मारगेम : पुनर्वास से पुनर्जीवन पहल के तहत DKSZC (दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी) के कुख्यात और वरिष्ठ माओवादी चैतू उर्फ श्याम दादा समेत 10 माओवादी कैडरों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में शामिल हो गए।इन सभी पर कुल 65 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
आत्मसमर्पण करने वालों में प्रमुख नाम–
- –चैतू उर्फ श्याम दादा (DKSZC सदस्य, 25 लाख इनामी) – झीरम हमले का मास्टरमाइंड
- सरोज उर्फ मल्कू सोढ़ी (DVCM, 8 लाख)
- भूपेश उर्फ सनक राम फुरामी (ACM, 5 लाख)
- प्रकाश उर्फ फिल साय सलाम (ACM, 5 लाख)
- कमलेश उर्फ झितरू यादव (ACM, 5 लाख)
- जन्नी उर्फ रायमती सलाम (ACM, 5 लाख)
- संतोष उर्फ सन्नू आचला (ACM, 5 लाख)
- रामशीला उर्फ बुकली सलाम (PM, 1 लाख)
- नवीन उर्फ भाजू सलाम (PM, 1 लाख)
- जयति उर्फ मनाई कश्यप (PM, 1 लाख)
सभी ने आत्मसमर्पण कर हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ने का फैसला किया।