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महासमुंद में सरकारी जमीन का बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर, शिक्षाकर्मी और पटवारी मिले भूमाफियाओं के साथ

महासमुंद: जिले में करोड़ों की शासकीय भूमि को लेकर बड़ा घोटाला सामने आया है। सरकारी जमीन को फर्जी दस्तावेजों के जरिए भू-माफियाओं और सरकारी कर्मचारियों ने मिलकर कौड़ियों के दाम में खरीदा-बेचा और वहां अवैध निर्माण भी करवा दिया। इस गोरखधंधे में न सिर्फ शिक्षाकर्मी बल्कि एक सक्रिय पटवारी भी शामिल है।

खसरा नंबर में खेल, जंगल में बना दी दुकानें
गौरवपथ वन विद्यालय के पास खसरा नंबर 102/5 की 1898 वर्गफुट ज़मीन असल में बड़े झाड़ का जंगल है, जिसे सरकारी रिकॉर्ड में वन भूमि के रूप में दर्ज किया गया है। इसी भूमि पर नकली सौदों के आधार पर दुकानों का निर्माण किया गया है, जबकि खरीदी-बिक्री की लिखापढ़ी खसरा नंबर 102/4 के नाम पर 100 और 20 रुपये के मामूली स्टांप पेपर पर की गई।

शिक्षाकर्मी और पटवारी भी शामिल
कुर्मीपारा निवासी पटवारी अरविंद चंद्राकर ने अपनी पत्नी भूमिका चंद्राकर और भाभी भारती चंद्राकर के नाम पर 10 लाख में 598 वर्गफुट भूमि खरीदी, जबकि निर्माण कार्य खसरा नंबर 102/5 पर कराया गया। इनके साथ शिक्षाकर्मी विकास साहू और जमीन दलाल कृष्णा कुमार साहू तथा विकास कुमार साहू ने भी मिलकर इसी तरह की फर्जीवाड़ा किया और 1300 वर्गफुट भूमि का सौदा पत्रक तैयार कर व्यवसायिक दुकानों का निर्माण शुरू करवा दिया।

पटवारी ने दिया गलत नजरी नक्शा
पटवारी खम्मनलाल साहू ने खरीदी के महीनों बाद भी इन लोगों को आबादी भूमि का नक्शा बनाकर दे दिया। जबकि वन विभाग की जांच में स्पष्ट हुआ कि जिस भूमि पर निर्माण कार्य हो रहा है, वह पूरी तरह जंगल की श्रेणी में आती है और वहां कोई निर्माण वैध नहीं है।

सफेदपोश नेताओं का संरक्षण और दबाव
इस घोटाले में सत्ता से जुड़े सफेदपोश नेताओं की भी संलिप्तता बताई जा रही है। उनके रिश्तेदार और समर्थक राजस्व विभाग में लगातार दबाव बनाकर जमीन कब्जाने और रजिस्ट्रियों को अंजाम दिलवाते हैं। इनके प्रभाव के चलते पूर्व में एक राजस्व अधिकारी ने ट्रांसफर तक करा लिया था।

डीएफओ ने जताई सख्त कार्रवाई की तैयारी
महासमुंद डीएफओ पंकज राजपूत ने कहा कि यह जमीन वन विद्यालय के लिए आरक्षित थी। अवैध निर्माण की सूचना पर एसडीएम को रिपोर्ट भेज दी गई है और राजस्व टीम से जांच कराई जा रही है। यदि जमीन पर छोटा झाड़ जंगल पाया गया तो वन संरक्षण अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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