रायपुर: विधानसभा घेराव के दौरान पुलिस से बदसलूकी के आरोप में महापौर एजाज ढेबर के खिलाफ सिविल लाइन थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। इस मामले में महापौर ढेबर ने रायपुर एसएसपी से मुलाकात की और प्रदर्शन में मौजूद 25000 लोगों पर भी एफआईआर दर्ज करने या फिर अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग की, अन्यथा आत्महत्या करने की धमकी दी।
मुलाकात के दौरान पूर्व विधायक विकास उपाध्याय, एमआईसी सदस्य और कई अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे। महापौर ढेबर ने एसएसपी संतोष सिंह को अपनी मेडिकल रिपोर्ट भी दिखाई, जिसमें उनके पसली टूटने की बात सामने आई है। एसएसपी संतोष सिंह ने इस मामले की पूरी कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।
पूरा मामला:
24 जुलाई को हुए कांग्रेस के प्रदर्शन का एक वीडियो बीजेपी द्वारा जारी किया गया था, जिसमें महापौर ढेबर पुलिस के साथ झूमाझटकी करते हुए दिखाई दे रहे थे। इसके बाद, 26 जुलाई की रात महापौर ढेबर के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई। महापौर ढेबर ने एसएसपी ऑफिस पहुंचकर प्रदर्शन के कुछ अन्य वीडियो और तस्वीरें साझा की, जिसमें पुलिस के जवान उन्हें धक्का देते हुए नजर आ रहे हैं।
महापौर ढेबर का दावा है कि इस झूमाझटकी के कारण उनकी पसली टूट गई और उन्हें अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। उन्होंने अपनी मेडिकल रिपोर्ट्स और प्रदर्शन के अन्य वीडियो एसएसपी को सौंपे हैं और अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि एफआईआर रद्द नहीं की जाती, तो प्रदर्शन में शामिल सभी 25000 लोगों पर भी एफआईआर दर्ज होनी चाहिए।





